1857 के विद्रोह में बिहार की स्थिति

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1857 के विद्रोह में बिहार की स्थिति

1857 का महत्वपूर्ण केंद्र बिहार भी बना 12 जून 18 57 को देवगढ़ जिले के रोहिणी गांव में सैनिकों के विद्रोह के साथ संघर्ष प्रारंभ हुआ इसमें दो अंग्रेज अधिकारी मारे भी गए लेकिन विद्रोह विफल रहा इस सैनिक विद्रोह में तीन भारतीय सैनिकों को फांसी की सजा दी गई 3 जुलाई को पटना सिटी में स्थित अंग्रेजों के विरोध में संघर्ष आरंभ हो गया इसका नेतृत्व गुरहट्टा मोहल्ला के एक पुस्तक विक्रेता पीर अली ने ग्रहण किया और विद्रोह चौक थाना तक फैल गया बिहार में अफीम व्यापार के एजेंट लॉयल ने बिहार के दमन का प्रयास किया लेकिन अपने सैनिक सहित मारा गया!

 पटना के कमिश्नर टेलर ने विद्रोह के दमन का कठोर उपाय किया 19 जून को उसने पटना के तीन प्रतिष्ठित मुसलमान मोहम्मद हुसैन अहमद उल्लाह एवं वाइज उल हक वज्र उल हक को धोखे से बंदी बना लिया गया और उन पर महाभियोग को सहयोग करने का आरोप लगाया गया था उसने पीर अली के दुकान और घर को पूर्णता ध्वस्त कर दिया और पटना वासी को यह संदेश देने का प्रयास किया कि विद्रोह का परिणाम भयानक हो सकता है उसने लगभग 16 अन्य व्यक्तियों को भी मृत्युदंड दिया खाद्य कला थाना के दरोगा को इसीलिए स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि उसने विद्रोह पूर्व सरकार को सूचना नहीं दिया था कमिश्नर टेलर के आदेश पर पीर अली को भी फांसी दे दी गई लेकिन टेलर ने अपनी पुस्तक आवर क्राइसिस में उसके उत्साह एवं शौर्य का वर्णन किया है!
25 जुलाई 18 सो 57 में मुजफ्फरपुर में भी कुछ असंतुष्ट सैनिक ने अपने अंग्रेज अधिकारों की हत्या कर दी उसी दिन दानापुर में 3 रेजीमेंट के सैनिक विद्रोह हो गए और वह शाहाबाद जिले में प्रवेश कर जगदीशपुर के जमींदार बाबू कुंवर सिंह के साथ मिलकर विद्रोह प्रारंभ कर दिया 30 जुलाई को सरकार ने तत्कालीन त्रिभुज सारण चंपारण और पटना जिले में मार्शल लॉ लागू कर दिया अगस्त महीने में भागलपुर में भी विद्रोह भरतपुर था विद्रोही गाया पहुंचकरटेकारी राज्य पर हमला कर वहां से ₹10000 लूट लिया तत्पश्चात यह सैनिक रोहतास और सारण के विद्रोहियों से जाकर मिले इस प्रकार राजगीर बिहार शरीफ और गया के क्षेत्रों में भी विद्रोह प्रारंभ हो गया लेकिन इसे जल्द ही दवा दिया गया!
बाबू कुंवर सिंह को भी कमिश्नर टेलर संदेह की दृष्टि से देखता था उसने बाबू कुंवर सिंह को पटना आकर मुलाकात करने का निमंत्रण दिया लेकिन अहमदुल्लाह के साथ हुए विश्वासघात को देखते हुए पटना ना आने का निर्णय लिया बाबू कुंवर सिंह लगभग 4000 सैनिकों के सहयोग से संघर्ष आरंभ किया जिसकी संख्या आगे बढ़कर 10000 तक हो गई उन्होंने जगदीशपुर में गोला बारूद बनाने का कारखाना स्थापित किया उन्होंने सबसे पहले आरा शहर पर कब्जा करके अनुशासन को स्थापित किया आरा पर नियंत्रण स्थापित करने का सरकार का पहला प्रयास विफल रहा जबकि दूसरा प्रयास सफल रहा जगदीशपुर पर भी अंग्रेजों का अधिकार हो गया बाबू कुंवर सिंह के  मंदिर और हवेली को ध्वस्त कर दिया और उनकी संपत्ति को जप्त कर दिया!

इससे विद्रोहियों का उत्साह और बढ़ गया इससे समस्त पश्चिम विहार में उपद्रव फैल गया कुंवर सिंह के भाई अमर सिंह कैमूर की पहाड़ियों में मोर्चाबंदी करके लंबे समय तक संघर्ष करते रहे कुंवर सिंह कल भी पहुंचे और तात्या टोपे से संपर्क करने का प्रयास किया तत्पश्चात वह लखनऊ पहुंचे जहां अवध के नवाब ने उन्हें सम्मान और सहयोग दिया अवध के नवाब ने कुंवर सिंह को आजमगढ़ जिले के लिए फरमान दिया था तत्पश्चात उन्होंने आजमगढ़ में अंग्रेजों को पराजित किया लॉर्ड कैनिंग ने कुंवर सिंह के विरुद्ध सैनिक कार्रवाई का आदेश दिया !
इस प्रकार उन पर सैनिक दबाव बढ़ता गया बलिया के समीप अंग्रेजों के साथ युद्ध में विजय होने के बाद जगदीशपुर की ओर लौटने के प्रयास में 23 अप्रैल 18 को कैप्टन लीग्रांड को उन्होंने बुरी तरह से पराजित किया लेकिन इस युद्ध में वह घायल होने के कारण उनको वीरगति प्राप्त हो गई अमर सिंह ने संघर्ष को आगे बढ़ाया शाहाबाद जिले में उनका नियंत्रण बना रहा 18 नवंबर 18 को इस क्षेत्र में अंग्रेजों का अधिकार हो गया महारानी विक्टोरिया की क्षमादान की घोषणा के बाद ही इस क्षेत्र में विद्रोहियों ने हथियार डाले बाबू अमर सिंह सहित 14 विद्रोहियों को क्षमादान के प्रावधान से पृथक रखा गया और उन्हें दंडित नहीं किया गया इस प्रकार धीरे-धीरे वहां शांति की स्थापना हुई!
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