Sunday, 22 December 2019

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है NPR Kya Hai

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर क्या है NPR Kya Hai


हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अध्ययन करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल से 3941 करोड़ रुपए की मांग की है


 इसका मुख्य मुद्दों पर आज जानना जरूरी है क्योंकि हर एग्जाम में आपको इससे फैक्ट से क्वेश्चन पूछे जाते हैं

  • गृह मंत्रालय ने वर्ष 2021 की जनगणना के लिए 8754 करोड़ रुपए और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अध्ययन करने के लिए 3941 करोड़ रुपए की मांग की है
  •  राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर डाटा गन्ना 2021 के प्रथम चरण के आंकड़े के साथ प्रकाशित किया जाएगा 
  • इसका अध्ययन प्रक्रिया के दौरान बायोमेट्रिक आगरा को एकत्रित नहीं किया जाएगा

नया क्या होगा राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में



  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को रेगुलर करने के लिए 21 बिंदुओं के आधार पर डाटा एकत्रित किया जाएगा जबकि 2010 का राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में 15 बिंदुओं के आधार पर एकत्रित  के अनुसार तैयार किया गया था
  •  राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को रेगुलर करने की प्रक्रिया के दौरान माता-पिता की जन्म तिथि और जन्मस्थान को एक बिंदु के रूप में शामिल किया जाएगा यह बिंदु पहले तैयार किए गए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में शामिल नहीं था 
  • इस राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में अंतिम निवास स्थान पासपोर्ट नंबर आधार आईडी एनआईडी ड्राइवरी लाइसेंस वोटर आईडी कार्ड और मोबाइल नंबर को भी  में शामिल किया जाएगा वर्ष 2010 में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में शामिल नहीं किया गया था 
  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में मां का नाम पिता का नाम पति का नाम पत्नी का नाम से संबंधित तीन बिंदुओं को एक ही बिंदु में समाहित किया जाएगा

क्या है राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर




  •  देश के सामान्य निवासियों की एक सूची है जो नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के तहत स्थानीय उप जिला जिला राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जाती है 
  • कोई भी व्यक्ति जो 6 महीने या उससे अधिक समय से भारत में रह रहा है या अगले 6 महीने या उससे अधिक समय तक यहां रहने का इरादा रखता है उसे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होता है 
  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को नागरिकता कानून 1955 और नागरिकता कानून 2003 के प्रावधानों के अनुसार तैयार किया जाता है 
  • राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर में पंजीकरण कराना भारत के प्रत्येक सामान्य निवासी के लिए अनिवार्य है
  •  देश के नागरिकों की पहचान का डाटा एकत्र करने के लिए वर्ष 2010 में इसकी शुरुआत की गई थी

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