Friday, 29 March 2019

Economics Notes By ध्येय IAS In Hindi Pdf

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Economics Notes By ध्येय IAS In Hindi Pdf


जैसा कि आप जानते हैं प्रत्येक दिन कुछ ना कुछ नई बुक का पीडीएफ लेकर के आते हैं तो आज आप लोगों के लिए हम भी आइए के नोट लेकर क्या है जिसको आप आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं इकोनॉमिक्स का नोट है और इसको आप बाद में पढ़ सकते हैं जैसा कि जानते हैं कि 3 प्रतिदिन कंपटीशन बहुत ही हाई होते जा रहा है तो इसके लिए आपको अच्छे से अर्जन करना बहुत ही जरूरी है इसलिए आप लोगों के लिए यह बुक लेकर क्या है जिसकी मदद से आप अच्छे मार्क्स ला सकते हैं और यारी को बेहतर बना सकते हैं




अर्थव्यवस्था उन विभिन्न प्रणाली और संगठन का समूह है जो लोगों को आजीविका प्रदान करता है एक देश कृषि उद्योग परिवहन बैंकिंग आदि लोग अपनी जीविका अर्जित करते हैं अतः अर्थव्यवस्था वह प्रणाली है जो कि समूह के लोगों को जीवन का उपार्जन साधन प्रदान करती है वास्तव में जब किसी देश की उसकी समस्त आर्थिक क्रियाओं के संदर्भ में परिभाषित करते हैं जो उसे अर्थव्यवस्था कहते हैं




उदारवादी अर्थव्यवस्था या पूंजीवादी





ऐसी अर्थव्यवस्था जहां आर्थिक गतिविधियों पर राजस्व का न्यूनतम नियंत्रण होता है तथा निजी क्षेत्र का अधिक प्रभावशाली तथा स्वतंत्र होता है उसे उदारवादी आती पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कहते हैं अर्थव्यवस्था अर्थशास्त्र के पिता एडम स्मिथ के केसजफेयर के सिधान्तो पर कार्य करती है इससे बाजार की अधिक प्रभाव शक्तियां करि होती है जैसे -USA ब्रिटेन एवं फ्रांस की अर्थ व्यवस्था




समाजवादी अर्थव्यवस्था 





समाजवादी अर्थव्यवस्था राज्य की महत्वपूर्ण शक्ती होती है,जो राज्य की समस्त आर्थिक गतिविधियों को  नियत्रिंत तथा  निर्देशित करती है l यह उत्पादन के साधनों पर सार्वजनिक स्वामित्व की संकल्पना को लेकर चलती है l बाजारी शक्तियाँ नियत्रिंत रहती है ; जैसे – भूतपूर्व सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था l




मिश्रित अर्थव्यवस्था 





इस अर्थव्यवस्था में समाजवादी तथा उदारवादी दोनों प्रकार की अर्थव्यवस्थाओं की विशेषताएँ निहित होती है इसमे निजी तथा सार्वजनिक दोनों क्षेत्रको का योगदान होता है l निजी क्षेत्रक ;सार्वजनिक क्षेत्रक का सहायक होता है ; जैसे – भारत की अर्थव्यवस्था l




खुली अर्थव्यवस्था  





वे अर्थव्यवस्थाएँ जिनमे उदारवादी तथा निजी आर्थिक तत्वों की प्रभाविता रहती है तथा आयत – निर्यात पर न्यूनतम प्रतिबन्ध रहते है, उन्हे खुली अर्थव्यवस्था कहते है ;जैसे – ह्रोंगर्कोंग और सिंगापुर की अर्थव्यवस्था l




बन्द अर्थव्यवस्था    





वे अर्थव्यवस्थाएँ जो बाह्य अर्थव्यवस्थाओं से किसी भी प्रकार से सम्बन्ध नहीं रखती है अर्थात् आयत – निर्यात की गतिविधियों शून्य होती हैं तथा निजी क्षेत्र की भूमिका नगण्य होती है, उन्हें बन्द अर्थव्यवस्था कहेते है l




भारतीय अर्थव्यवस्थाका स्वरूप  





  1. भारतीय अर्थव्यवस्था मिश्रित अर्थव्यवस्था हैं l
  2. मिश्रित अर्थव्यवस्था से तात्पर्य – सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का एक कार्य करना होता  है l 
  3. भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व की चोथी बड़ी अर्थव्यवस्था है l
  4. भारत की मिश्रित अर्थव्यवस्था में सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के उघमो का विभाजन मुख्य रूप से संसद के 1956 के औधोगिक नीति प्रस्ताव से आरम्भ होता है l 
  5. अर्थव्यवस्था को तीन बड़े क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है —




  • प्राथमिक क्षेत्र : कुषी, वन, मछली, पालन, उत्खनन आदि प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत आते है , जहाँ उत्पादन कार्य प्राथमिक स्तर पर होता है l
  • व्दितीयक क्षेत्र : इसे विनिर्माण क्षेत्र भी कहा जाता है l इसके अन्तर्गत मुख्यत: विनिर्माण उधोग – लोहा इस्पात , सीमेंट , बिजली , गैस , जलापूर्ति आदि आते है l
  • तृतीयक क्षेत्र : इसे सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है l इसके अन्तर्गत परिवहन ,व्यापर , वितीय सेवा , डाक सेवा एवं सामुदायिक सेवा आते है l


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