भारत देश उदारवादी लोकतंत्र राज्य है कैसे

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भारत देश उदारवादी लोकतंत्र राज्य है





भारत में शासन की लोकतांत्रिक प्रणाली अपनाया गया है लोकतंत्र के सभी संस्थाओं यहां मौजूद हैं एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप जनता की जनता के लिए एवं जनता द्वारा समय-समय पर सरकारों का उत्थान पतन होता रहता है जनता स्वयं प्रशासन के लिए या देश के बारे में फैसला लेने के लिए अपने प्रतिनिधियों को निर्वाचन द्वारा जैन करती है और फिर प्रतिनिधि संस्थाओं के गठन और सरकारों के बनने का कार्य संपन्न होता है





पिछले 60 वर्षों से केंद्र और राज्यों में सरकार का जनता की इच्छा के अनुरूप उत्थान और पतन और शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता का स्थानांतरण होता है जबकि भारत के साथ-साथ आजाद हुए कई एशियाई देश में हिंसक क्रांतियों एवं सैनिक सरकारों का गठन हो चुका है 73वे और 74ven संविधान संशोधन ने सत्ता का विकेंद्रीकरण करते हुए सत्ता को आम जनता तक पहुंचा दिया पंचायती राज के माध्यम से स्थानीय समस्याओं पर स्थानीय लोग स्वयं निर्णय लेते हैं इसके लिए पंचायती राज प्रणाली बनाया गया पंचायती राज प्रणाली में महिलाओं पिछड़े वर्ग दलित इत्यादि की आरक्षण एवं सशक्तिकरण के लिए समानता पर आधारित विकास पर बल दिया गया है





उपरोक्त विश्लेषण से अतिरिक्त कई ऐसे बिंदु है जो यह सिद्ध करते हैं कि भारत एक लोकतांत्रिक राज्य है





  • भारतीय संविधान की प्रस्तावना में भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने के लिए संकल्प व्यक्त किया गया है
  • प्रस्तावना में ही समाज आर्थिक राजनीतिक न्याय विचार अभिव्यक्ति विश्वास धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समानता का उल्लेख किया गया है और उदार लोकतांत्रिक आदर्शों का व्यक्त कर दिया गया है
  • नीति निर्देशक तत्व के माध्यम से सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना का आदर्श रखा गया है
  • भाग 3 में क्षमता स्वतंत्रता शोषण के विरुद्ध धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के लिए शिक्षा संस्कृति के संरक्षण संबंधी मूल अधिकारों प्रदान किया गया है इसी में कमजोर वर्गों महिलाओं पिछले दलित वंचित वर्गों के विशेष आरक्षण के संकेत दिए गए हैं राजनीतिक प्रणाली से लेकर प्रशासनिक नौकरियों आदि में पर्याप्त संरक्षण आरक्षण की व्यवस्था की गई है
  • अस्पृश्यता अपराध घोषित करते हुए व्यक्ति की गरिमा को महत्व दिया गया है
  • बगैर किसी भेदभाव के सभी को समान रूप से व्यस्त मताधिकार प्राप्त है
  • लोकतंत्र की रक्षा के लिए स्वतंत्र न्यायपालिका स्वतंत्र एवं जनता को प्रदत मूल अधिकार प्राप्त है
  • पड़ौसी देशों एवं शेष विश्व के प्रति भारत की नीति शांतिपूर्ण अस्तित्व अन आक्रमण अहस्तक्षेप अखंडता का सम्मान पर आधारित आधारित रहा रहा है




इस प्रकार भारत देश उदारवादी लोकतंत्र राज्य है





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